मित्र-मंडली

Monday, 21 March 2011

Vande matram !!!

बिन मांगे सब पाया
तेरी गोद में जन्म लेने का अवसर  मिला.

यह अवसर दे के ही तुने सबकुछ दे दिया.

अब तुझसे मांगू क्या माँ,

जब बिना मांगे ही खुद को तेरी गोद में पा रहा हूँ.

हर छड करता रहुँगा तेरा नाम रौशन.

जिस दिन थक जायेंगे ये कदम.

हंस के तेरी आँचल तले सो जाऊंगा.






भारत माता की जय.
Jai Hind...